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Head of Electoral Commission to stand down amid controversy

The Head of the Electoral Commission is to stand down amid controversy and claims of anti-Brexit bias.
Claire Bassett is moving on as Chief Executive after a whole series of incidents including: mais 527 palavras

Politics And News

Stochastic Terrorism

Something changed in 2016. Before that, the vitriol faced was largely confined to the extremist fringes, among white supremacists and nationalists who sought to undermine the very foundations of democracy. mais 157 palavras

Political

Both sides ????

The shooting victims at the Kentucky Kroger were black, the shooting victims in Pittsburgh were Jewish, and the bomb targets were Democrats. All in one week.

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News

Corruption in Politics a Major Facet of the Swamp

10-27-2018

Corruption in Politics a Major Facet of the Swamp

Those who know me also know that I despise corrupt politicians. Nothing has become more evident in recent days, weeks and over the past two years than seeing that political parties breed corruption. mais 1.023 palavras

Political

बीजेपी-जेडीयू के विधायकों का टूट सकता है टिकट पाने का सपना

नईदिल्ली : 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे के फॉमूले को लेकर जेडीयू और बीजेपी में सहमति बन गई है। इस फॉमूले के तहत गठबंधन के अन्य सहयोगियां की सीटों के बंटवारे के बाद बाकी बची सीटों पर 50-50 फीसदी सीटों का बंटवारा जेडीयू-बीजेपी के बीच होगा। यानी दोनों दल बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। जेडीयू सूत्रों के मुता‌बिक इस फॉमूले पर बीजेपी 17 सीटों पर, जेडीयू 16 सीटों पर चुुनाव लड़ेगी। वहीं लोजपा 5 सीटों पर जबकि रालोस्पा 2 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। सूत्रों से चौंकाने वाली खबर यह आ रही है कि बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री लल्लन सिंह के सिवा किसी भी विधायक या मंत्री को टिकट नहीं दिया गया है। ऐसा करने के पीछे बात यह बतायी जा रही है कि अगर विधायक चुनाव जीतकर सांसद बन जाते हैं तो नीतीश कुमार की सरकार अल्पमत में आ जाएगी। बिहार विधानसभा में 243 विधायक हैं, ऐसे में बहुमत के लिए 122 विधायकों की जरूरत होती है। राजग गठबंधन में दोनों बड़ी पार्टियां जदयू और भाजपा की बात करें तो, जदयू के पास 70 विधायक हैं जबकि भाजपा के पास कुल 53 विधायक हैं। दोनों को मिलाया जाए तो 123 यानी बहुमत से एक आधिक का आंकड़ा बनता है। ऐसे में अगर चुनाव लड़ने को इच्छुक 13 विधायकों को टिकट दिया जाए और इनमें से कोई पांच भी चुनाव जीत जाते हैं तो पांचों विधायक सांसद हो जाएंगे और विधायकों की संख्य 118 रह जाएगी और गठबंधन अल्पमत में आ जाएगा। विधायकों की संख्या घटकर 238 पर आ जाएगी। जिसके बाद नीतीश को ऐसी पार्टियों के भरोसे रहना पड़ेगा जिनपर उन्हें भरोसा नहीं है। लोजपा के दो विधायक है, जिन्हें नीतीश सरकार के गठन के समय कोई मंत्री पद नहीं दिया गया था। 2 विधायक रालोस्पा के हैं, इनमें से भी किसी को मंत्री पद नहीं दिया गया था। दोनों दलों में से किसी को प्रतिनिधित्व नहीं मिला था। इसलिए अब नीतीश का इन दोनों का भरोसा करना खतरे से खाली नहीं है। लेकिन कई विधायक और मंत्री ऐसे हैं जो टिकट पाने और चुनाव लड़ने के लिए उत्सुक हैं। mais 6 palavras

राजनीति